RBI का मास्टरस्ट्रोक! शहरी सहकारी बैंक अब दे सकेंगे दोगुना बिना गारंटी लोन, छोटे कारोबारियों और मिडिल क्लास को बड़ी राहत

नई दिल्ली: देशभर के करोड़ों बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शहरी सहकारी बैंकों (Urban Cooperative Banks) के लिए नए ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं, जिनके लागू होने पर बिना गारंटी लोन लेना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो सकता है। इस प्रस्ताव का सीधा फायदा छोटे कारोबारियों, सूक्ष्म उद्यमियों और मध्यम वर्गीय परिवारों को मिल सकता है।

असुरक्षित लोन की सीमा 10% से बढ़ाकर 20% करने का प्रस्ताव

RBI के ड्राफ्ट के मुताबिक शहरी सहकारी बैंकों की कुल परिसंपत्तियों (Total Assets) में बिना गारंटी यानी असुरक्षित लोन (Unsecured Loans) की सीमा 10 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसका मतलब है कि ये बैंक अब पहले के मुकाबले दोगुना असुरक्षित कर्ज दे सकेंगे।

हालांकि केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि 20 फीसदी से ऊपर दिया जाने वाला अतिरिक्त असुरक्षित लोन केवल प्राथमिकता क्षेत्र (Priority Sector) में ही होगा। इसमें छोटे किसान और सूक्ष्म उद्यम जैसे वर्ग शामिल होंगे। साथ ही प्रति उधारकर्ता ₹50,000 तक की सीमा तय की गई है।

पर्सनल लोन और छोटे टिकट लोन लेने वालों के लिए राहत

ड्राफ्ट नियमों में व्यक्तिगत ऋण (Personal Loan) की सीमा बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। इसके साथ ही असुरक्षित कर्ज की परिभाषा को और स्पष्ट करने की बात कही गई है, जिससे छोटे टिकट लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और आसान हो सकती है।

इस बदलाव से खासतौर पर वे लोग लाभान्वित होंगे, जिन्हें कम राशि के त्वरित ऋण की आवश्यकता होती है और जो गारंटी या कोलेट्रल देने की स्थिति में नहीं होते।

फ्रिज, टीवी और वॉशिंग मशीन जैसे सामान पर मिलेगा ज्यादा लोन

उपभोक्ता टिकाऊ सामान (Consumer Durable Goods) जैसे फ्रिज, वॉशिंग मशीन और टीवी खरीदने के लिए दिए जाने वाले लोन की सीमा भी बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसे प्रति उधारकर्ता ₹2.5 लाख तक किया जा सकता है। इससे मध्यम आय वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है, खासकर उन लोगों को जो आसान किस्तों पर घरेलू उपकरण खरीदना चाहते हैं।

होम लोन नियमों में ढील की तैयारी

तीसरे और चौथे स्तर (Tier-3 और Tier-4) के शहरी सहकारी बैंकों को होम लोन के कार्यकाल और मोरेटोरियम से जुड़े कुछ नियमों में राहत देने की भी योजना है। इससे हाउसिंग लोन प्रोडक्ट्स पहले से ज्यादा लचीले हो सकते हैं और ग्राहकों को भुगतान शर्तों में सुविधा मिल सकती है।

4 मार्च 2026 तक मांगे गए सुझाव, शुरू होगा क्षमता निर्माण मिशन

RBI ने इन प्रस्तावित नियमों पर 4 मार्च 2026 तक सुझाव आमंत्रित किए हैं। इसके साथ ही सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली को मजबूत करने के लिए एक क्षमता निर्माण मिशन (Capacity Building Mission) भी शुरू किया जाएगा। इस पहल के तहत बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि बैंकिंग सेवाएं और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सकें।

स्पष्ट है कि RBI का उद्देश्य शहरी सहकारी बैंकों को मजबूत बनाना और छोटे ग्राहकों तक कर्ज की पहुंच बढ़ाना है। यदि ये नियम लागू होते हैं, तो देश के लाखों ग्राहकों के लिए कर्ज की राह आसान हो सकती है।

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